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Poem in Hindi-Duniya main | अपनी अपनी दुनिया में Hindi Poem

Poem in Hindi-Duniya main | अपनी अपनी दुनिया में Hindi Poem

आज व्यस्तता भरी Life में हम सभी अपने आप में इतने व्यस्त हैं की पहले की तरह अब उतना time नहीं मिल पाता है किसी अपने  के साथ बिना कोई कारण के वक्त बिताया जा सके या कुछ पल साथ रहा जाये।  इस प्रकार का सयोंग अब किसी खास मौके पर ही बन पता है बाकी तो हम सभी अपनी अपनी दुनिया में ही रहते हैं हालात ऐसे बन चुके हैं कि आज भागदौड़ भरी लाइफ में हम चाह के भी पहले जैसा समय नहीं निकाल पाते हैं  ताकि किसी अपने के साथ बेवजह कुछ समय मुस्कराते हुए व्यतीत कर सकें अतः जब हम अपनी ही दुनिया में इतने व्यस्त हैं और सामने वाला भी, तो बाकी की खबर क्या होगी। online की दुनिया अलग है क्योकी  जितना आनंद और सौहार्द offline दुनिया में है उतना online दुनिया में नहीं।   Poem in Hindi Duniya mein अपनी अपनी दुनिया में मनुष्य की दुनिया से परे दुनिया पर प्रकाश डालेंगे।  जिस प्रकार हम सभी अपनी अपनी दुनिया में हैं उसी प्रकार इसी दुनिया में कोई और भी है जो अपनी अपनी Duniya mein है।

Poem in Hindi-Duniya main | अपनी अपनी दुनिया में Hindi Poem
Poem in Hindi-Duniya main | अपनी अपनी दुनिया में Hindi Poem


Poem in Hindi-Duniya main | अपनी अपनी दुनिया में

खुला है चारो ओर उड़ते ऊँचे नील गगन में 
मग्न हैं पंछी सारे अपनी अपनी दुनिया में

फैला है उपवन बाग बगीचे घर और आँगन में 
फूल हैं खिलते सुंदर अपनी अपनी दुनिया में

चलती हवाएँ जब जब सुर ताल शांत लहर में 
खिल उठती हरयाली अपनी अपनी दुनिया में

प्रकृति हो उठती नवजीवित बरसे जब सावन में 
बीज अंकुरण होता रहता अपनी अपनी दुनिया में

क्या क्या नही बदला इस पावन धरती के परिवर्तन में
चन्द्रसूर्य और तारे आज भी हैं अपनी अपनी दुनिया में 

झूट, कपट, ईर्ष्या और लालच जो है केवल इंसानो में 
जीव जंतु तो ऐसे ही खुश हैं अपनी अपनी दुनिया में

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Image by Lukas Bieri from Pixabay




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