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Hindi Short Poem | जब आती तन्हाई

Hindi Short Poem | जब आती तन्हाई .Hindi Poem , Short hindi poems


मायूसी,बैचैनी,घबराहट होती
मन मे होती खुद से  लड़ाई 
जब आती तन्हाई
खुद को देखूँ ,बाते करूँ मैं खुद से
सोंचा इतना नींद  न आई
जब आती तन्हाई 
कितना रोया कितना तड़पा 
उसको याद न मेरी आई
जब आती तन्हाई
क्या करूँ क्या न करूँ
कहाँ जाऊँ कहाँ बैठूँ
किससे मिलूँ मैं ,कैसे दिल बहलाऊँ
अकेला हूँ  कैसे मन समझाऊँ
गिर कर उठता उठकर गिरता
कितनी ठोकर खाई






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